प्राकृतिक प्रकोप वाले मंत्र
मनुष्य के जीवन और संपत्ति का नाश करने वाले सभी प्राकृतिक प्रकोप जैसे सुनामी, चक्रवाती, तूफान, भूकंप, ज्वालामुखी, विस्फोट, अग्निकांड इत्यादि सभी भगवान कल्कि की भृकुटि द्वारा ही संचालित होते हैं। श्री कल्कि विनाश का तांडव करने वाले प्रलय के महास्वरूप हैं। परन्तु निष्कलंक और पूर्वा अवतार होने के कारण उनका नाम कहीं भी नहीं आता है।
ॐ कल्कि महा-प्रलयाय स्वाहा — महाप्रलयकारी
ॐ कल्कि महा झंझावताय स्वाहा — झंझावता (तूफ़ान) के समान
ॐ कल्कि महोत्पाताय स्वाहा — उत्पातों के उत्पात
ॐ कल्कि ज्वाला-मुखाय स्वाहा — ज्वालामुखी के समान
ॐ कल्कि विश्व -भूकम्पाय स्वाहा — विश्व में भूकम्प के समान
ॐ कल्कि महोल्का-पाताय स्वाहा — उल्कापात के समान
ॐ कल्कि प्रलय-स्वरूपाय स्वाहा — प्रलय के स्वरूप
ॐ कल्कि महा-विस्फोटाय स्वाहा — महान विस्फोट करने वाले
ॐ कल्कि प्रलय कराय स्वाहा — प्रलय कर देने वाले
ॐ कल्कि प्रलय कालीन दर्शनाय स्वाहा — प्रलयकाल की तरह दर्शन देने वाले
ॐ कल्कि विध्वंसनाय स्वाहा — विध्वंस स्वरूप
ॐ कल्कि सागर शोषणाय स्वाहा — सागरों को सुखा देने वाले
ॐ कल्कि वात निग्रहणाय स्वाहा — वायु को नियंत्रित करने वाले
ॐ कल्कि विद्युत स्फुलिंगाय स्वाहा — बिजली की तरह चिंगारी वाले
ॐ कल्कि धन-गर्जिताय स्वाहा — बादलों की तरह गरजने वाले
ॐ कल्कि उदधि-बडवानलाय स्वाहा — समुद्र को सुखाने वाले अग्नि के समान
ॐ कल्कि महोल्कापतये स्वाहा — उल्कापात करने वाले
ॐ कल्कि भूकंप वदनाय स्वाहा — भूकंप की तरह शरीर वाले
ॐ कल्कि आग्नेय वदनाय स्वाहा — अग्नि की तरह शरीर वाले
ॐ कल्कि गगनोल्का पाताय स्वाहा — आकाश के उल्कापात समान
ॐ कल्कि विश्व प्रलयाय स्वाहा — विश्व के प्रलय कर्ता
ॐ कल्कि विनाश लीला ताण्डवाय स्वाहा — विनाश के लिये ताण्डव करने वाले
ॐ कल्कि समुद्र-संप्लवाय स्वाहा — समुद्र की सीमा तोड़ने वाले
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