Yogmaya Maharani
योगमाया महारानी
ये योगमाया महारानी, मैं यह 20 रुपये आपकी दक्षिणा और प्रसाद के निमित्त संकल्प करके आपको अर्पण कर रहा/रही हूँ, इसे स्वीकार करें। इस जगत की समस्त दैवीय और आसुरी शक्तियाँ आपके सम्मोहन के आधीन है। आपकी इच्छा से गतिशील हैं। कलियुग के नितृत्व में उसकी जो भी अघोरी, दुराचारी, तांत्रिक, शैतानी, मायावी, कुटिल शक्तियाँ मुझे तबाह और बर्बाद करना चाहती हैं। (परेशानियाँ कहें अनुभव के अनुसार) उन्हें मोहित करें, भ्रमित करें, मेरी तरफ से उनका ध्यान हटाएं, उनके प्रहार की दिशा मोड़ें। उन्हें उनका भाग देकर संतुष्ट करें। उनके हर प्रहार से मेरी रक्षा करें। मुझे सुख, सौभाग्य, आयु और आरोग्यता का दान दें। हे माँ मैं स्वस्थ शरीर से सुख, शांति, वैभव के साथ जीते हुए कल्कि जी के प्राकट्य का अति विशिष्ट कार्य करना चाहता हूँ। मुझे रास्ता दीजिए।