Yagya Narayan Bhagwan

🧘 Category: Daan 📅 04/12/14

 

 

 

 

 

यज्ञ नारायण भगवान्

 

हे यज्ञ* (नारायण भगवान्) मैने जो भी हवन किया है उसके पूर्ण फल की प्राप्ति के लिये मैं आपको व आपकी पत्‍नी देवी दक्षिणा के निमित्‍त

** संकल्‍प : संकल्‍प हवन शुरू करने से पहले कर लें। पूर्ण आहुति से पहले जब आप घी की चार बूंदे यज्ञ कुण्‍ड के चार कोनों व एक बीच में यह कह कर आहुति देते हैं, बोलो कल्कि भगवान् की जय। बीच में उससे पहले 2 बताशे हवन कुण्‍ड में यज्ञ नारायण के लिये चढ़ा दें। 5 रुपये का सिक्‍का मंदिर अथवा पंडित जी को दे दें। 5 रुपये 2 बताशे का संकल्‍प कर रहा/रही हूँ, इसे स्‍वीकार कर तृप्‍त और संतुष्‍ट हो। इस हवन को पूर्णत: प्राप्‍त करें, जो भूल, त्रुटि, कमी, दोष हों उसे क्षमा करें, उन्‍हें पूर्ण करें। प्रत्‍येक आहुति को सम्‍बन्धि दिव्‍य शक्तियों तक पहुँचाऐं और उनके आर्शीवाद के साथ मुझे वापिस प्रदान करें, मेरी संकल्‍प प्रार्थना स्‍वीकार “फलीभूत” हो, सार्थक हो। मुझे कल्कि जी के प्राकट्य का अति विशिष्‍ट कार्य करना है। *यज्ञ नारायण भगवान् श्री विष्‍णु के ही अवतार हैं।

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