Kaali Maa

🧘 Category: Daan 📅 04/12/14

काली माँ

 

हे काली माँ आप प्रथम महाविद्या, तंत्र की अधिष्‍ठात्री देवी, समय और मृत्‍यु की स्‍वामिनी हैं। आप चंडी रूप में दुष्‍ट असुरों का नाश कर उनका रक्‍त पान करती हैं। आप शमशान रूप में समस्‍त अघोरी, दुराचारी, तांत्रिक, अतृप्‍त प्रेत और पैशाचिक शक्तियों पर शासन करती हैं। आप रक्षा रूप में मनुष्‍य की समस्‍त विपत्तियों से रक्षा करती हैं। हे काली माँ कल्कि नाम से जुड़कर अपनी अराधना करने वाले भक्‍तों पर अतिशीघ्र प्रसन्‍न होकर उनके पूर्व जन्‍मों के दोषों का नाश कर सुख और सौभाग्‍य प्रदान करती हैं। हे काली जी अपनी परेशानियाँ बताकर-मुझे श्री कल्कि जी का कार्य करना है। मुझे (इन बताई गई परेशानियों) से निकालिये। मुझे रास्‍ता दीजिये। मैं आपको प्रसाद, दक्षिणा भेंट (चढ़ाना) चढ़ाऊँगा/चढ़ाऊँगी।

 

उपचार स्‍वप्‍न, जाग्रत वाणी एवं मानसिक अवस्‍था में होने पर –

1)    यदि अनुभव में अघोरी, दुराचारी, तांत्रिक, अतृप्‍त प्रेत और शैतानी शक्तियाँ दिखाई दें, किसी तरह की दुर्घटना, खून-खराबा, चोरी, डकैती या आतंकवादी घटनाएं दिखाई पड़ें तो 5 रुपये 5 बताशे या 20 रुपये का दक्षिणा और प्रसाद का संकल्‍प होता है।

प्रर्थना:- हे काली माँ, मैं यह 5 रुपये 5 बताशे या 20 रुपये आपकी दक्षिणा और प्रसाद के निमित्‍त संकल्‍प करके आपको अर्पण कर रहा/रही हूँ, इसे स्‍वीकार करें। कलियुग के नेतृत्‍व में उसकी जो भी आसुरी (अनुभव के अनुसार) शक्ति मुझ पर प्रहार करके (अनुभव का विवरण) या (प्रत्‍यक्ष घटना के अनुसर) मुझे, मेरे परिवार, घर और व्‍यापार को तबाह और बर्बाद करना चाहती है, इस संकल्‍प के द्वारा उन्‍हें उनका भाग दें, उन्‍हें तृप्‍त और संतुष्‍ट करें, उनके हर दैहिक, दैविक, भौतिक, शारीरिक और मांसिक प्रहार से मेरी, मेरे परिवार घर और व्‍यापार की रक्षा करें, मुझे आयु और आरोग्‍यता का दान दें। स्‍वस्‍थ शरीर से, सुखी भाव और वैभवता के साथ अपने परिवार के सदस्‍यों के साथ जीते हुए मुझे कल्कि जी के प्राकट्य का अति विशिष्‍ट कार्य करना है।

2)    अनुभव में यदि भीषण अग्नि कांड, बड़ी आतंकवादी घटनाएं, प्रत्‍यक्ष में किसी भी तरह का कोई भी बड़ा सरकारी झमेला (S. Tax, I. Tax, Custom, Exixse, DRI इत्‍यादि) किसी बड़ी प्रेत शैतानी शक्ति का पीछे पड़ जाना, किसी बड़े और प्रभावशाली व्‍यक्ति का दुश्‍मन बन जाना इत्‍यादि घटनाओं में 1 नं. वाले उपचार के साथ।

1 जायफल, 2 इलायची, 22 लौंग, पंचमेवा के टुकड़े, 2 सुपारी और कपूर की एक टिकिया का संकल्‍प करके ऊपर लिखी प्रार्थना के साथ काली जी के धूने में डाल देना चाहिए।

यदि काली जी के मंदिर के धूने में डालना संभव न हो तो घर के हवन कुण्‍ड में हवन करते समय काली माँ के नाम से उसमें डाल दें।

3)    यदि अनुभव से कोई प्रेत या शैतानी शक्ति प्रहार करते हुए दिखाई दे तो 1 गोला/गट पर रोली या सिंदूर से सतिया बनाकर मोली/कलावे के 7 लपेटे बांध कर काली माँ के चरणों में प्रार्थना के साथ अर्पण कर देना चाहिए। यदि आप घर में हवन करते हों तो 1 गोला/गट काली माँ के नाम से संकल्‍प करके हवन में डाल दें। (यह ज्‍यादा प्रभावी होता है।

प्रार्थना:- हे काली माँ, मैं यह गोला (अनुभव में जो भी शैतानी शक्ति दिखाई पड़ी है।) उस शक्ति के निमित्‍त 5 रुपये, 5 बताशे दक्षिणा के साथ संकल्‍प करके आपको अर्पण कर रहा/रही हूँ, इसे स्‍वीकार करें। उसे उसका भाग दें, उसे तृप्‍त और संतुष्‍ट करें, उसके लोकों में उसे वापिस भेजें, वहाँ से आने के उसके सारे रास्‍ते बंद करें। या उसका दमन करें, उसका नाश करें पर उसके हर प्रहार से मेरी रक्षा करें। मुझे कल्कि जी की प्रसन्‍नता का काम करना है।

4)    जिस तरह 3 नं. वाले उपचार में काली माँ के गोले का संकल्‍प किया गया है उसी तरह 2 नं. वाले अनुभवों के उपचार के साथ यमुना महारानी के नाम से 1 गोले और 5 रुपये और 5 बताशे दक्षिणा का संकल्‍प किया जाना चाहिए। यमुना महारानी के नाम से संकल्‍प प्रार्थना करके गोले को और दक्षिणा को यमुना नदी के ऊपर से फेंक देना चाहिए। जहाँ पर यमुना नदी नहीं हो वहाँ पर इस गोले और दक्षिणा को भगवान् श्री कृष्‍ण के चरणों में अर्पण करके प्रार्थना करें कि वो इस संकल्‍प को यमुना महारानी तक पहुँचा दें। यह एक पूरक (Complimentary) उपचार है।

नोट: काली माँ को सफेद बर्फी, कलाकंद बताशे इत्‍यादि चढ़ाया जाता है।

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